Amrit Varsha

Biodynamic ( amrit versha) agriculture is system of organic agriculture that has proved to be very effective throughout the world .biodynamic techniques enhance , rejuvenate,add to and maintain soil quality. Cow horns and cow dung, after being buried together in the earth,make the most wonderful humus to spread on the land . this improves the structure of the soil dramatically and quickly . good soil structure means better water-holding capacity , which means better control ,with consequently less loss of topsoil , which means better and deeper rots and less need for irrigation which means deeper soil and more natural fertility. Amrit versha with its informed use of the various preparations ,will maintain soil fertility for years to come in a wholly natural way . it will support the growing of a plentiful supply of nourishing food.

बी. डी. 500 :- इस खाद को गाय कि सींग एवं गोबर कि खाद से बनाया जाता है । इसे एक एकड़ में छिड़काव के लिए 25 लीटर पानी में डालकर एक घंटे तक मिलाया जाता है । यह कार्य शाम के समय चन्द्रमा के घटते क्रम किया जाता है । 3 - 4 बार छिड़काव करने से मिटटी में बदलाव आ जाता है मिटटी में केंचुआ एवं राई जोवियम बैक्टीरिया कि सक्रियता तथा नमी धारण में वृद्धि होती है

Preparation Amrit versha is made by filling a cows horn with cow dung,and burying it in the soil during The cooler month-Novamber through February. With regular application will give a soil all the characteristics needed to sustain a living soil.

  • Increase in all soil bacteria and an increase of the phosphate solubillizing bacteria.
  • Earthworm activity is increased.
  • A deep rooting system is developed in all plants.
  • It will work equally well in any soil type, clays volcanic, peat silt or weathered silica.

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Features

पंचगव्य

पंचगव्य यह एक अत्यधिक प्रभावी जैविक खाध है जो पौधों की वृद्धि एवं विकास में सहायता करता है और उनकी प्रतिरक्षा सहमत को बढ़ता है|पंचगव्य का प्रयोग गेहूँ, मक्का, बाजरा, धान, मूंग, कपास, सरसो, मिर्च, टमाटर, बैंगन, मूली, गाजर, हल्दी, हरी सब्जिया आदि तथा अन्य सभी फल पेड़ो एवं फसलो में महीने में दो बार क्र सकते है |

बायोसिल अमृत

यह प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को बढाकर फफूंदी रोग लगने से बचाता है बड़े पेड़ या बगीचे में इसके छिड़काव से ७ दिनों नए शाखाये पत्ते आने लगते है इसके छिड़काव से फफूंद रोग की रोकथाम होती है स्वस्थ फूल और फल पहले की अपेक्षा अधयक मात्रा में आकर उत्पादन को बढ़ाते है बायोसिल अमृत मिर्च, बैंगन, करेला, लोकी, टमाटर आदि फसल पर लाभकारी है|खरीफ फसल-गेहूँ, चना, मक्का, गन्ना, धान, कपास इत्यादि सभी फसलो पर ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने के लिए १५ दिनों के अंतराल में बायोसिल अमृत का प्रयोग करना चाहिए|चुकी बायोसिल अमृत बायो डायनेमिक है अतः इसका असर लंबे समय तक रहता है

कैटर कट

कैटर कट एक अत्यंत प्रभावशाली किट नाशक है,इसके उपयोग से सभी हानिकारक कीटो का नाश हो जाता है|इसके उपयोग से २-३ दिन में ही कीटो की मृत्यु हो जाती हैफसल पर दुबारा किट लगने की सम्भावना समाप्त हो जाती है |

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