Amrit-Jal

I first came to know about Amrut jal from urban leaves blog and decided to try in our garden. First we tried it on a flower plant that had dried up and had stopped flowering.guess what! In Aboutb fifteen days the plant had started bearing flowers and in about a months time it was covered with them.and since then Amrut jal has been a regular feature in our garden.

निम्न फसलों में उपयोगी : धान , गेहूँ , चना , गन्ना , केला , तुवर , सोयाबीन , आलू , केला , मक्का , कपास , प्याज , लहसुन , फलो एवं सब्जियों की बेहतर पैदावार एवं उत्तम गुणवत्ता के लिए किया जाता है ।

Amrut jal is best used on the fourth day for wateing the plants.However we also use in on 3rd And 5th days.we use it in almost gardening activities.they are

  • Watering the plants using Amrut jal on a weekly basis keep the soil alive and rich in nutrients.
  • Spraying filtered Amrut Jal once a week or once a fortnight helps in lowering the chance of pest infestation.it is also an excellent folia sparay.
  • Seed treatment using Amrut Jal by soking for 24 hours before sowing them helps in better Germination rate and stronger plant.
  • Root treatment of saplings for 30 minutes before planting them helps develop a stronger and More disease resistant plant.
  • Dried leaves or dried sugarcane bagasse is soaked in Amrut jal and then used as mulch for plants.

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Features

पंचगव्य

पंचगव्य यह एक अत्यधिक प्रभावी जैविक खाध है जो पौधों की वृद्धि एवं विकास में सहायता करता है और उनकी प्रतिरक्षा सहमत को बढ़ता है|पंचगव्य का प्रयोग गेहूँ, मक्का, बाजरा, धान, मूंग, कपास, सरसो, मिर्च, टमाटर, बैंगन, मूली, गाजर, हल्दी, हरी सब्जिया आदि तथा अन्य सभी फल पेड़ो एवं फसलो में महीने में दो बार क्र सकते है |

बायोसिल अमृत

यह प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को बढाकर फफूंदी रोग लगने से बचाता है बड़े पेड़ या बगीचे में इसके छिड़काव से ७ दिनों नए शाखाये पत्ते आने लगते है इसके छिड़काव से फफूंद रोग की रोकथाम होती है स्वस्थ फूल और फल पहले की अपेक्षा अधयक मात्रा में आकर उत्पादन को बढ़ाते है बायोसिल अमृत मिर्च, बैंगन, करेला, लोकी, टमाटर आदि फसल पर लाभकारी है|खरीफ फसल-गेहूँ, चना, मक्का, गन्ना, धान, कपास इत्यादि सभी फसलो पर ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने के लिए १५ दिनों के अंतराल में बायोसिल अमृत का प्रयोग करना चाहिए|चुकी बायोसिल अमृत बायो डायनेमिक है अतः इसका असर लंबे समय तक रहता है

कैटर कट

कैटर कट एक अत्यंत प्रभावशाली किट नाशक है,इसके उपयोग से सभी हानिकारक कीटो का नाश हो जाता है|इसके उपयोग से २-३ दिन में ही कीटो की मृत्यु हो जाती हैफसल पर दुबारा किट लगने की सम्भावना समाप्त हो जाती है |

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